बड़े पगलेट तू मजनूआ , ससुरो में अइले रे मजनूआ
नाहीयर में यरवु तो भोग लेला सुख
आ ससुरो आके बढ़ावत हवा दुःख
अरे भाग यंहा से
बड़े पगलेट तू मजनूआ , ससुरो में अइले रे मजनूआ
गारी दे देब तोहके छाटल छाटल
रंग डलवाई के बदल गइलू काजल , सइंया फिरू मरले हो बड़ा बुरा लागल
नहिर में संगे हमरा वोका बोका खेललाला
कही के कोका कोला पिचकारी हेने रेलला
पर होली में जोबन रंगअवले राहलु हो
सदी बाद रंगवाइबू किरिया खइले राहलु हो
वो घरी रहीं नाहिं दातल दातल , अरे जो न रे मति लगना
रंग डलवाई के बदल गइलू काजल
सइंया भिरु मारलू हो बड़ा बुरा लागल
रंग डलवाई के बदल गइलू काजल
सइंया भिरु मारलू हो बड़ा बुरा लागल
रोवल गावल बंद करा निक नहिं लगे
करत इंस्लटी बड़ा भैरो के आगे
अखिलेस खेसारी के भगवत तारू हो
यार छोड़ के भतार से लगवावत तरु हो
ह त सेनुर डलले उ त लगाइबा तू
रंग डलवाई के बदल गइलू काजल
सइंया भिरु मारलू हो बड़ा बुरा लागल
रंग डलवाई के बदल गइलू काजल
सइंया भिरु मारलू हो बड़ा बुरा लागल